Saturday, 12 March 2011

Welcome

आप सभी को मेरी ओर से तह-इ-दिल से स्वागत है.
 मुझे आपके साथ अपने विचार और भावनाओं को रखने का मौका पाकर बहुत ख़ुशी महसूस हो रही है. लिहाज़ा आप भी मुझे पढ़ कर ख़ुशी महसूस करेंगे. 

क्या सुनाएँ राज-इ-दिल दर्द बढ़ता भी है सुनाने से.
भूल जाओ करके अच्छा है, एहसान रहता नहीं जताने से!!!! १ !!!!

लोग मोहब्बत के दुश्मन होते हैं. लोग कहते हैं, कि आपस में प्रेम, प्यार, मोहब्बत से रहना चाहिए, लेकिन क्या ये मोहब्बत को पनाह देते हैं? इस मुल्क में खासकर छत्तीसगढ़ में ऐसे कई मोहब्बत की कहानियां हैं, जिसे लोग जानते भी हैं और देखे भी हैं. !!! लोरिक और चंदा छत्तीसगढ़ की मिटटी की मोहब्बत की ओ कहानियां हैं, जो युगों युगों तक हीर-रांझे की तरह हमेशा याद किये जाते हैं.!!!

मुहब्बत रंग लाती है, जब दिल-दिल से मिलते हैं...
मगर मुश्किल तो ये है, कि दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं.....!!२!!

आज बस इतना ही, मैं फिर मिलूँगा तो एक नई ऊर्जा का संचार लिए मिलूँगा, 
आपका ही,
नागेन्द्र देवांगन, 
आरंग, +919098424099


No comments:

Post a Comment